क्या आज प्रणब दा भाषण के जरिये सभी अटकलों और आशंकाओं को दूर कर देंगे?

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी आज शाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तृतीय वर्ष संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इस समापन समारोह में संघ प्रमुख मोहनराव भागवत मुख्य वक्ता होंगे। ऐसा बताया जा रहा है कि, आज प्रणब मुखर्जी अपने भाषण में संघ के विचारों और कामों की तारीफ़ करेंगे। संघ के कार्यक्रम में पिछले 8 साल में पहली बार कोई राजनीतिक व्यक्ति शामिल होने जा रहा है और इसके चलते राजनीतिक पंडितों के लिए प्रणब दा का ये स्टेप पहेली बना हुआ है।

हालांकि प्रणब दा के नागपुर पहुंचते ही बड़ी संख्या में संघ कार्यकर्ताओं ने अपने मुख्य अतिथि का फूलों के गुलदस्तों से स्वागत किया। प्रणब दा गुरुवार शाम को 5:30 बजे से रात 9:30 बजे तक संघ मुख्यालय में मौजूद रहेंगे। प्रणब मुखर्जी करीब आधे घंटे इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। जानकारों की मानें तो वह राष्ट्रीय मुद्दों पर ही बात करेंगे और राजनीतिक मुद्दों से परे रह सकते हैं। उनके बाद RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत का भाषण होगा। संघ के सूत्रों के मुताबिक, रात में आठ बजे समारोह खत्म होने के बाद उनसे रात्रि भोजन की गुजारिश की गई है। बुधवार रात को भी प्रणब मुखर्जी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत और गवर्नर विद्यासागर राव के साथ डिनर किया था।

उनके नागपुर पहुंचने के बाद आज पूरे देश की निगाहें उनके भाषण पर टिकी हैं। प्रणब दा अपने भाषण में क्या कहेंगे। जानकारों का कहना है कि, हाल के दिनों में मुखर्जी और भागवत की मुलाकातें सामान्य घटना नहीं है। इन मुलाकातों के राजनीतिक मायने भी हैं। लेकिन संघ की ओर से यह पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि, विरोधी विचारधारा के लोग भी संघ के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे तभी विचारों का आदान-प्रदान होगा और जब विचारों का आदान-प्रदान होगा तभी सभी एक-दूसरे को स्पष्ट तौर पर समझ पाएंगे।

कांग्रेस के नेता रहते हुए प्रणब ने हमेशा संघ की आलोचना की है। इस लिहाज से लोगों की उत्सुकता बढ़ गई है कि, वह संघ के कार्यकर्ताओं को क्या संदेश देंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रणब मुखर्जी ने बीजेपी नेताओं के साथ बातचीत में इच्छा जाहिर की थी कि, उनकी बेटी बीजेपी के टिकट पर मालदा लोकसभा सीट से चुनाव लड़े। साथ ही प्रणब मुखर्जी ने पीएम मोदी की एक टीवी इंटरव्यू में जमकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा था, ‘मोदी काफी मेहनती हैं… उनमें अपने लक्ष्य को हासिल करने की दृढ़ इच्छाशक्ति है। उनका विजन बहुत क्लियर है। वो जानते हैं कि, उन्हें क्या हासिल करना है। संसद का कम अनुभव होने के बाद भी उन्होंने प्रशासन और विदेश नीति को बेहतर तरीके से समझा।’ हालांकि विवादों से बेपरवाह मुखर्जी ने कहा कि, वह अपने भाषण के जरिये सभी अटकलों और आशंकाओं को दूर कर देंगे।

आपको बात दे कि, प्रणब मुखर्जी आज आरएसएस के प्रोग्राम में शामिल हो रहे हैं, लेकिन राष्ट्रपति पद से हटने के बाद उनकी संघ प्रमुख मोहन भागवत से कई बार मुलाकात हो चुकी है। इससे पहले मोहन भागवत और प्रणब मुखर्जी की चार बार मुलाकात हो चुकी है। दो बार जब वो राष्ट्रपति थे और दो बार राष्ट्रपति का पद छोड़ने के बाद। एक बार तो प्रणब मुखर्जी और भागवत की मुलाकात तय थी। लेकिन प्रणब मुखर्जी की पत्नी का देहांत हो गया। जिसके बाद सभी कार्यक्रम कैंसिल कर दिए गए। लेकिन मोहन भागवत से मुलाकात का कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया।

पिता प्रणब मुखर्जी के आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने से उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी नाखुश हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, उम्मीद है आज कि घटना के बाद प्रणब मुखर्जी इस बात को मानेंगे कि बीजेपी किस हद तक गंदा खेल सकती है।

Connect with Us! अपनी राय कमेंट्स में दें. ताजा ख़बरों के लिए हमें फॉलो करें. अगर आपको ये पोस्ट पसंद आई, तो इसे लाइक और शेयर करना न भूलें. Subscribe our Youtube Channel: AajKaReporter Follow us on: Facebook, Twitter, Instagram