क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव? जानिए इससे जुड़े नियमों के बारे में

Loksabha,
No confidence motion

नंबर वन पर ट्रेंड कर रहा ‘भूकंप आ गया’ से तो आप सभी लोग वाकिफ हो गए होंगे। केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की बात कही जा रही थी। जिसे विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए लोकसभा अध्यक्ष को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। जिसे लोकसभा अध्यक्षा के द्वारा स्वीकार कर लिया गया था। और आज लोकसभा की कार्यवाही के दौरान संसद में जमकर हंगामा हुआ तो वहीं राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गले मिलने पर भी  लोगों ने जमकर चुटकियां लीं। लेकिन क्या आपको पता है कि अविश्वास प्रस्ताव क्या होता है ? और इससे जुड़े नियम क्या है ? तो चलिए आज हम बताते हैं अविश्वास प्रस्ताव और उससे जुड़े नियमों के बारे में।

क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव – 

आपको बता दें कि संविधान में अविश्वास प्रस्ताव का कोई जिक्र नहीं है. लेकिन अनुच्छेद 118 के अंतर्गत हर सदन अपनी प्रक्रिया बना सकता है जबकि नियम 198 के तहत ऐसी व्यवस्था है कि कोई भी सदस्य लोकसभा अध्यक्ष को सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है. जिस तरह मंगलवार 18 जुलाई को टीडीपी और कांग्रेस सदस्यों ने दिया।

ऐेसे पारित होता है प्रस्ताव –

अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने के लिए सबसे पहले विपक्षी दल को लोकसभा अध्यक्ष को इसके बारे में लिखित रूप में सूचना देनी होती है। जिसके बाद स्पीकर उस दल के किसी सांसद को इसे पेश करने के लिए कहता/ कहती है। ऐसा तब होता है  जब किसी दल को लगता है कि सरकार सदन में अपना विश्वास या बहुमत खो चुकी है।

गौरतलब है कि यह दूसरा मौका है जब केंद्र की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की बात की गई है। इससे पहले सर्वप्रथम पं• जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में पहला अविश्वास प्रस्ताव अगस्त 1963 में जे बी कृपलानी ने रखा था। तब इस प्रस्ताव में केवल 62 वोट पड़े थे और विरोध में 347 वोट पड़े थे और सरकार चलती रही थी।

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