दिल्ली एनसीआर में डीजल और पेट्रोल गाड़ियों को मिलेगा एक अलग कलर कोड

देश में बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ प्रदूषण भी बड़ी तेजी से बढ़ रहा है और सरकार इससे निजात पाने के लिए नए नए कदम उठा रही है। हाल में ही दिल्ली के साथ-साथ अब एनसीआर के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए अहम सुझाव पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मंजूरी की मुहर लगा दी है। केंद्र सरकार को मंजूरी मिलने के बाद अब दिल्ली एनसीआर की डीजल और पेट्रोल गाड़ियों की पहचान के लिए अलग-अलग स्टीकर लगाए जाएंगे। इस योजना के तहत 15 अक्टूबर से पहले दिल्ली एनसीआर की गाड़ियों पर होलोग्राम स्टीकर लगाए जाएंगे। इसका यह मतलब है कि अक्टूबर तक लोगों को दिल्ली में गाड़ियों पर रंगीन स्टिकर्स देखने को मलेंगे।

पेट्रोल और डीजल गाड़ियों लगेंगे स्टिकर्स- 

इस योजना के तहत नीले रंग के होलोग्राम बेस्ट स्पीकर पेट्रोल गाड़ियों के लिए और सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों में लगाए जाएंगे। वही नारंगी रंग के स्पीकर्स डीजल से चलने वाली गाड़ियों पर लगेंगे। कोर्ट ने ये भी कहा है कि इलेक्ट्रिक और हाईब्रीड गाड़ियों के लिए हरे रंग के स्टीकर पर सोचा जाए।

केंद्र सरकार की योजना-

केंद्र सरकार की योजना यह है कि दिल्ली एनसीआर की हर गाड़ियों को एक अलग कलर कोड मिले ताकि एजेंसियों को तुरंत पता चल जाए कि गाड़ियों सड़क पर चलने का आदेश है या नहीं। दिल्ली के ट्रैफिक रूल के अनुसार 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों पर रोक है। लेकिन यह सब गाड़ियां दिल्ली की सड़कों पर दौड़ती है और प्रदूषण फैलाती हैं। इसलिए केंद्र सरकार ने दिल्ली एनसीआर की वायु प्रदूषण की समस्या को बढ़ने से रोकने के लिए यह कदम उठाया है।

अगर देखा जाए तो यह एक बहुत बेहतरीन कदम हो सकता है जोकि केंद्र सरकार द्वारा उठाया जा रहा है। इस कदम से बढ़ते प्रदूषण पर रोक लग सकती है और वातावरण भी सुरक्षित रह सकता है।

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