नरेंद्र मोदी और अमित शाह काटेंगे 110 भाजपा सांसदों के टिकट, लोकसभा चुनाव 2019 के तहत तैयारी शुरू

लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बसपा सभी दलों के महागठबंधन ने भी भाजपा को चिंतित करके रखा हुआ है। एक ओर जहां अखिलेश यादव ने अभी हाल ही में चुनावी सिरगर्मी को एक बयान के माध्यम से बढ़ा दिया था कि  उनकी पत्नी की सीट से वे चुनाव लड़ेंगे तो वहीं कल आई  एक रिपोर्ट के माध्यम से समाजवादी पार्टी ने बसपा के साथ गठबंधन पर सहमति व्यक्त की है। इसी कड़ी में शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए मौजूदा समय में भाजपा के करीब 110 सांसदों के टिकट काट 2019 के चुनाव में सकते हैं। 

चुनावी स्तर की एक बैठक के बाद लिया गया फैसला – 

BJP ने यह फैसला अपने मंत्रियों की एक बैठक के बाद आए फीडबैक को देखते हुए लिया है। बैठक में लोकसभा चुनाव 2019 में होने वाली विभिन्न तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। बीजेपी के द्वारा की गई बैठक में कहा गया कि महागठबंधन और कुछ इनकम्बेंसी होने के कारण भारतीय जनता पार्टी को लोकसभा चुनाव 2019 में लगभग 60 से 75 सीटों का नुकसान हो सकता है। BJP ने इस आकलन के बाद फैसला लिया है कि वह करीब 40% सिटिंग सांसद के टिकट काटेगी वहीं बीजेपी के पास वर्तमान समय में 272 सांसद हैं। 

क्यों लिया जा रहा है इतना बड़ा फैसला- 

दरअसल गठबंधन को देखते हुए BJP इसलिए भी सतर्क है कि कहीं मौजूदा सांसद आगे जीतने के बाद बीजेपी से दूसरे दल में ना चले जाएं। बैठक के बाद आए फीडबैक को देखते हुए भाजपा ने इस स्थिति से उबरने के लिए यह फैसला उचित समझा है। वहीं इस मीटिंग में सबसे बड़ा मुद्दा यह भी रहा कि कुछ सांसद अपने कैडर के साथ उचित व्यवहार नहीं करते हुए दिखे और वह अपने क्षेत्र में सक्रिय भी नहीं रहे। इस वजह से बैठक में काफी नाराज़गी का माहौल भी रहा, जो इस फैसले का एक मुख्य पहलू कहा जा रहा है। 

 

गौरतलब है कि यूपी में गठबंधन को देखते हुए BJP की बैठक में एक रिपोर्ट जारी की गई जिसमें कहा गया कि यूपी में गठबंधन की वजह से करीब 40 प्रतिशत वोट सीधे तौर पर बीजेपी के खिलाफ जा रहे हैं, जिसके कारण बीजेपी को केवल यूपी से 30 से 40 सीट का नुकसान होने का अनुमान है जो एक चिंताजनक विषय है। सूत्रों के मुताबिक पता चला है कि BJP के अलावा RSS भी हर सीट पर अपना एक प्रतिनिधि बनाएगी जो  संघ को उस सीट की हर एक रिपोर्ट सौंपेगा, वहीं बीजेपी भी अपनी एक लोकसभा सीट पर तीन पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपेगी। BJP ने यह भी कहा है कि वह लोकसभा चुनाव 2019 क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर लड़ेगी ताकि उसे चुनाव में हार का सामना ना करना पड़े।

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