नीतीश ने अपनाया लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने का यह फार्मूला

लोकसभा चुनाव 2019 में अब कुछ ही महीने शेष है और पार्टियां अपने वोटरों को लुभाने की पुरजोर कोशिश में जुट गई हैं। इसी कड़ी में जेडीयू पार्टी ने भी बिहार के एससी एसटी वोटरों को लुभाने के लिए आज राजधानी पटना में एससी एसटी कार्यकर्ता सम्मेलन रखा है। पार्टी द्वारा या उम्मीद की जा रही है कि इस सम्मेलन में तकरीबन आठ से दस हजार कार्यकर्ताओं को शामिल होना है।

जेडीयू कर रही है एससी एसटी कार्यकर्ताओं को लाभान्वित-

लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए आए दिन जेडीयू नए नए प्रयास कर रही है और अपने वोटर्स को हर प्रयास कर लुभाने की कोशिश में जुटी है। जेडीयू नेता श्याम रजक ने बताया कि एससी एसटी सम्मेलन का उद्घाटन प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह द्वारा किया जाएगा। रजक ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य कमजोर तबकों को राज्य सरकार की तरफ से चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराना और इसको लेकर उनके बीच जागरुकता पैदा करना है। श्याम रजक ने इस बात का दावा किया है कि बाबा साहेब ने संविधान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को जो अधिकार देने की बात कही थी, उसे जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि नीतीश ने त्रिस्तरीय चुनाव में आरक्षण देकर पिछड़े समाज को राजनैतिक रूप से संवल बनाने का काम किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने लड़कों के लिए अम्बेडकर छात्रावास और लड़कियों के लिए कस्तूरबा गांधी छात्रावास का निर्माण कराया है। उन्होंने दावा किया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समाज आज हर तरह से नीतीश के साथ खड़ा है।

अब देखना यह है कि नीतीश कुमार की जेडीयू पार्टी आने वाले लोकसभा चुनाव में अपने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को कितना लुभा पाती है और यह लोग नीतीश का कितना साथ देते। वहीं यह तो साफ हो गया है कि नीतीश इस चुनाव में जीत हासिल करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं और आगे देखना है कि नीतीश और क्या क्या करते हैं ।

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