महागठबंधन में कुर्सी को लेकर हो सकती है खींचतान, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस को देगी केवल दो सीटें

लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी तैयारियों में लग गई हैं, और इसको लेकर अभी हाल ही में अखिलेश यादव ने भी घोषणा की थी कि उनकी पत्नी डिंपल यादव की सीट से  वे चुनाव लड़ेंगे। अब एक नया मामला सामने उभर कर आया है महागठबंधन से, जिस महागठबंधन के माध्यम से उत्तर प्रदेश से BJP का सफाया करने की तैयारी की जा रही है। खबर है कि आने वाले लोकसभा चुनाव 2019 में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस को केवल 2 सीटें चुनाव लड़ने के लिए देगी।

कौन सी होंगी कांग्रेस की 2 सीटें –

कहा जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी को लोकसभा चुनाव 2019 में उन्हीं 2 सीटों से चुनाव लड़ने के लिए कहा जाएगा जिन 2 सीटों से वह चुनाव लड़ते चले आ रहे हैं। जी हां, राहुल गांधी को चुनाव लड़ने के लिए उनका क्षेत्र अमेठी दिया जा रहा है जबकि सोनिया गांधी को चुनाव लड़ने के लिए  रायबरेली क्षेत्र पर, समाजवादी पार्टी की रजामंदी बन रही है। राजनीतिक गलियारों में लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियां जोरों पर हैं, और इसी सिलसिले में समाजवादी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया है कि समाजवादी पार्टी, कांग्रेस के साथ इस बार कोई समझौता नहीं करना चाहेगी, क्योंकि समाजवादी पार्टी को विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस के साथ किए गए गठबंधन से बहुत बड़ा सबक मिला था।

बसपा के साथ गठबंधन को तैयार सपा – 

सपा के एक वरिष्ठ नेता ने बयान दिया है समाजवादी पार्टी बसपा के साथ गठबंधन को तैयार है, क्योंकि इस पार्टी से सपा को ज्यादा फायदा मिलने के आसार हैं। सपा नेता ने कहा कि वर्तमान समय में अनुपात 85vs15 चल रहा है। जो अपर कास्ट, दलित, पिछड़ा वर्ग, और मुसलमान पर आधारित है। सपा नेता के कथनानुसार अपर कास्ट वर्ग को लेकर ही कांग्रेस चलती है, जबकि पिछड़ा वर्ग, दलित वर्ग, मुस्लिम वर्ग का वोट कांग्रेस नेताओं को नहीं मिलेगा जिसकी वजह से उसे चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इसलिए वह इस बार कोई भी जोखिम उठाने को तैयार नहीं है। सपा नेता ने यह भी कहा है कि हमें कांग्रेस के साथ 2017 का वक्त नहीं भुलाया जा सकता है। 2019 में हम यह गलती नहीं दोहराएंगे।

हालात चाहे जो भी हो लेकिन सीट को लेकर उठापटक के मामले में समाजवादी पार्टी इस बार काफी सक्रिय दिख रही है, और वह कोई भी चूक नहीं करना चाहती जिसकी वजह से उसे लोकसभा चुनाव में मात मिले। राजनीति की सूझबूझ रखने वाले  अखिलेश यादव इस बार बड़ी होशियारी से काम करते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। BSP का साथ लेकर वह लोकसभा चुनाव 2019 में कुछ बड़ा करने की तैयारी में लगे हैं। अब आने वाला वक्त ही बताएगा कि क्या इस गठबंधन में तकरार होगी या ये गठबंधन ऐसे ही बरकरार रहेगा।

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