मुजफ्फरपुर बालिका गृह के मुद्दे पर नीतीश ने चुप्पी तोड़ते ही विपक्ष को दिया करारा जवाब

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सरकारी सहायता प्राप्त एक शेल्टर होम में 16 बच्चियों के साथ लंबे समय तक दरांदगी के  मामले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस पूरे मामले पर सीबीआई अपनी जांच कर रही है और सबूत इकट्ठा करने में लगी है,  लेकिन अब इस मामले को पूरी तरह से राजनीति का हिस्सा बना दिया गया है। आए दिन सियासी पार्टियां विपक्ष पर एक से एक इल्जाम लगाती दिख रही हैं। हाल ही में एक बच्ची के गायब होने के बाद बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी इसे साजिश का नाम दे दिया। वहीं इस मामले को बिहार से लेकर दिल्ली तक विपक्ष नीतीश कुमार को घेरने में जुटा है।

नीतीश कुमार ने तोड़ी चुप्पी –

अब मुजफ्फरपुर कांड को लेकर नीतीश कुमार ने चुप्पी तोड़ने का फैसला कर लिया है और उन्होंने अपनी चुप्पी  तोड़ते हुए कहा कि “मेरी चुप्पी का गलत फायदा उठाया जा रहा है और इसे गलत तरह से पेश किया जा रहा है, अगर किसी को पहले से इसकी जानकारी थी तो लोगों ने बताया क्यों नहीं? आज जो लोग शोर मचा रहे, चिल्ला रहे हैं, आरोप लगा रहे वो पहले कहां थे? “

आज लोक संवाद की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए  कहा कि, लोग समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा पर, उनके पति पर आरोप लगा रहे हैं मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने इससे इन्कार किया है। अब जांच चल रही है, जो दोषी होंगे,  उनके साथ कार्यवाही की जाएगी। कोई नहीं बचेगा।

नीतीश ने दिया विपक्ष को करारा जवाब –

इसी प्रेस कांफ्रेंस के जरिए नीतीश कुमार ने विपक्ष को निशाने पर साधा और करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। लोगों ने भ्रम फैलाना शुरू किया और मुझे जैसे ही इस मामले की जानकारी मिली मैंने तुरत सीबीआइ जांच की बात की। दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है। हमने सदन में भी इस मामले पर वक्तव्य दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मुजफ्फरपुर में जो घटना हुई वह बेहद शर्मनाक है, जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। उन्होंने विपक्ष को करारा जवाब देते हुए कहा कि महिलाओं को लेकर कौन क्या कहता है और किसपर क्या इल्जाम लगे हैं, यह किसी से छुपा नहीं है। महिलाओं को अपशब्द कहने वाले लोग जा कर जंतर-मंतर में कैंडल मार्च में निकालने लगते हैं।

इस मामले पर सीबीआई पूरे जी जान से छानबीन पर जुटी है राजनीतिज्ञ इस मुद्दे को सियासी मुद्दा बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। अब अब देखना यह है कि नीतीश कुमार आगे इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं और बच्चों के साथ कैसा न्याय करते हैं ?

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