शब्द योद्धा कुमार विश्वास के “शांतिमय सॉरी पत्र” के बाद अरुण जेटली ने की मानहानि केस वापसी

लोकसभा चुनाव 2019 समीप है और ऐसे में आम आदमी पार्टी में अन्दरूनी कलह बढ़ने के पूरे आसार है | पार्टी के पूर्व राजस्थान प्रभारी ,संस्थापक सदस्य व मशहूर कवि कुमार विश्वास ने चुपके से पत्र द्वारा देश के वित्त मंत्री अर्जुन जेटली से क्षमा मांग कर विवाद में शांति कायम करने की बात कही है जिसके बाद जेटली ने उनके ऊपर किए मानहानि के केस को वापस ले लिया है |

रिपब्लिक टीवी द्वारा आज का रिपोर्टर के हाथ लगे लेटर में विश्वास ने अपने स्वाभाविक दार्शनिक एवं साहित्यिक अंदाज़ में यह बतलाने की कोशिश की कि उन्होंने केजरीवाल पर भरोसा किया और उसी आधार पर अरुण जेटली पर आरोप लगाए |

इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के संग 4 अन्य आप नेता – राघव चड्डा , संजय सिंह , आशुतोष और दीपक बाजपाई ने 10 करोड़ के मानहानि केस में अरुण जेटली से माफ़ी मांगी थी जिसके बाद उन्होंने केस वापस ले लिया था |  यह केस जेटली ने 2015 में केजरीवाल व 5 अन्य आप नेताओं पर उनके ऊपर दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहते वित्तीय अनियमितताओं करने के सन्दर्भ में की थी |

अब जो कि सब ने माफ़ी मांग ली थी तो खुद को शहीद करार चुके कुमार विश्वास ने मरण अवस्था में भी घातक हमले का यह अचूक मौका नहीं छोड़ा और एक तीर से दो निशाने मारे – एक तरफ जेटली से माफ़ी मांगते हुए खुद के साथ उनके विवाद का खत्म , भाजपा की तरफ छुकाव और वहां जाने का शीलतापूर्ण प्रयास | दूसरा केजरीवाल के खिलाफ आखिरी लड़ाई का बिगुल फूंकने का और हो भी क्यों न … ना ही राज्यसभा टिकट मिला , ना ही कोई महत्वपूर्ण पद , मीटिंग में ना बुलाये जाना और ऊपर से कोई भी जवाब ना दिया जाना तो ऐसे में जिस पार्टी के पीछे ज़िन्दगी लगा दी उसी में जब  कुमार विश्वास को साइडलाइन होना पड़ेगा तो उससे आहित व क्रोधित होकर वे क्रांति ही करेंगे पर देखना ज़रूरी है कि आगे होता क्या है !

घबराइए मत ….आज का रिपोर्टर आपको बताएगा !

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