जेल की सज़ा होने पर भी नहीं टूटा हार्दिक पटेल का हौसला, मोदी सरकार की “हिटलरशाही” पर बोला जोरदार हमला

पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल ने बुधवार को कहा कि ‘सच्चाई, किसानों, युवाओं और गरीबों’ के लिए उनकी आवाज को भाजपा  सरकार की ‘हिटलरशाही’ दबा नहीं सकती है|  दंगे फ़ैलाने के  मामले में उन्हें दो साल की जेल की सजा सुनाये जाने के तुरंत बाद ही  उनके द्वारा यह बयान सामने आया है|

गुजरात के मेहसाणा जिले के विसनगर में एक सत्र अदालत के न्यायाधीश वी पी अग्रवाल ने हार्दिक पटेल और उनके दो सहयोगियों, लालजी पटेल और ऐ के पटेल को दंगा भड़काने ,आग लगाने ,गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने पर , संपत्ति को नुकसान पहुंचने के मामले में भारतीय दंड संहिता के विभिन्न वर्गों के तहत दोषी ठहराया गया। तीनों को उसी अदालत से जमानत मिली। इस संबंध में, जुलाई 2015 में, हार्दिक पटेल समेत 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अदालत ने साक्ष्य की अनुपस्थिति में 14 आरोपियों को बरी कर दिया।

अदालत के फैसले के तुरंत बाद हार्दिक ने ट्विटटर पर गरजते हुए ट्वीट किया,

हार्दिक ने कहा कि वह अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने से भयभीत नहीं हैं क्योंकि वह पहले ही सर पर कफन बांध चुके हैं| हार्दिक ने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, ‘मेरी फितरत में है जालिमों से मुकाबला करना और हक के लिए लड़ना. जितना दबाओगे उतना ही चुनौती बन के उभरुंगा.’

अपने एक ट्वीट में उन्होंने कहा कि गुजरात चुनाव से पहले बीजेपी कहती थी की हमने सभी आंदोलनकारी पर लगे केस वापिस लिए है तो फिर यह सज़ा का एलान कौन से गुनाह में हैं ?

सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में पाटीदार समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन की अगुवाई कर रहे 25 वर्षीय हार्दिक पर राजद्रोह सहित कई आरोपों में मामले दर्ज हैं| गुजरात चुनाव में हार्दिक पटेल ने भाजपा के बड़े बहुमत न पाने में अहम भूमिका निभाई थी|

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