मुजफ्फरपुर बालिका “यातना” गृह पर जाएगी नितीश की सरकार होगी अब सीबीआई जांच

बिहार सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से मुजफ्फरपुर में बालिका गृह कांड मामले की जांच करवाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में आदेश दिया।

इस घटना के बारे में हमलावर विपक्ष लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहा था और साथ ही सरकार पर आरोपियों को बचाने आरोप लगा रहा था| इसे लेकर विधानसभा व विधानपरिषद की कार्यवाही बाधित रही|

बता दें कि इस मामले का खुलासा तब हुआ जब मुंबई की संस्था टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइसेंस की टीम ने बालिका गृह के सोशल ऑडिट रिपोर्ट में यौन शोषण का उल्लेख किया। इसके बाद मुजफ्फरपुर महिला थाने में इस मामले की एफआईआर कराई गई। इसके बाद लड़कियों के चिकित्सकीय जांच में भी यहां की 41 लड़कियों में से 29 लड़कियों के साथ दुष्कर्म होने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इससे पहले मंगलवार को बिहार विधानसभा में विपक्षी दल मुजफ्फरपुर अल्पाहसन घर के मामले में उग्र हो गए थे। तो जैसी ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, विपक्षी विधायकों ने वैल में आकर नाराजगी शुरू कर दी। गेंदों को मिला रॉयटर्स टेबल को भी उलटाने का प्रयास किया गया। इस अवधि के दौरान विपक्ष के नेता तास्की प्रसाद यादव और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की तेज बहस हुई थी। विपक्ष के असहमति के कारण, पहला सत्र दो मिनट में केवल 14 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया था।

चुनाव नज़दीक है इसलिए नितीश बाबू कोई चूक नहीं लेना चाहते है इसलिए तो वह जल्द से जल्द इस मामले को सीबीआई को सौंप कर अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी करते बने लेकिन बालिकाओं के साथ हो रहे निरंतर अपराधों से सुशासन बाबू की विकासवादी छवि को धक्का पहुंचा है जिसका फायदा राजद व पूरा विपक्ष उठाने में लगा हुआ है परन्तु उन बच्चियों से मिलने कोई पक्ष क्या विपक्ष का नेता तक नहीं गया क्यूंकि राजनैतिक रोटियां सेकनी ज़रूरी है भाई!

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