अब नही मिलेगा कैंडी ओर कोला, तंबाकू की दुकान पर

तंबाकू की दुकान

सरकार तंबाकू के दुरुपयोग को कम करने के प्रयास में एक प्रस्ताव पेश करती है जिसमे तम्बाकू विक्रेताओं को स्थानीय नागरिक प्राधिकारी के साथ निश्चित रूप से पंजीकरण करना चाहिए और वे कैंडीज, टॉफी, चिप्स, बिस्कुट, शीतल पेय आदि नहीं बेच सकते हैं जो की धूम्रपान न करने वालों को दुकान में आकर्षित करते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों को 21 सितंबर को सिगरेट, बीड़ी, चबानेवाला गुटखा और खैनी जैसी तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए नगरपालिका प्राधिकरण के माध्यम से अनुमति प्रदान करने के लिए एक तंत्र को विकसित करने के लिए लिखा था। एक सरकारी सर्वेक्षण के अनुसार भारत में हर पांचवा वयस्क गुटखा और खैनी खाने के आदी हैं। 100 मिलियन भारतीय धूम्रपान में सिगरेट और बीड़ी का सेवन करते है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार भारत मे धूम्रपान से संबंधित बीमारी जैसे कि कैंसर, श्वसन और हृदय विकारों के कारण हर साल भारत में 10 लाख लोग मर जाते हैं।

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इस प्रकार धूम्रपान करने वाले ही सिर्फ तंबाकू की दुकानों पे जाएंगे और उम्मीद की जा सकती है कि धूम्रपान करने वालो की संख्या में वृद्धि-दर में कमी आ सकती है। सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है।

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