जानिए क्या है मोहन भागवत की इंटर कास्ट मैरिज पर राय

आरएसएस के तीन दिवसीय कार्यक्रम के आखिरी दिन बुधवार को संघ प्रमुख प्रमुख मोहन भागवत ने एक के बाद एक कई सवालों के जवाब दे दिए हैं। वहीं उन्होंने सवाल के जवाब देते हुए कई अन्य मुद्दों पर भी बात की है।  संघ प्रमुख से अंतरजातीय विवाह को लेकर सवाल पूछा गया था जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि संघ अंतरजातीय विवाह के खिलाफ नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि ये मसला सिर्फ दो लोगों के बीच परस्पर आपसी समझादी से जुड़ा हुआ है।

मोहन  भागवत ने दिया इंटर कास्ट मैरिज का बेहतरीन जवाब- 

अंतरजातीय विवाह, शिक्षा और कास्ट सिस्टम जैसे अलग-अलग तरह के सवाल मोहन भागवत से पूछे गए थे जिनका एक एक कर उन्होंने जवाब दिया। इंटर कास्ट मैरिज को लेकर मोहन भागवत ने कहा कि अगर आंकड़े निकाले जाएं तो सबसे ज्यादा संघ में अंतरजातीय विवाह हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि संघ को मानने वाले लोगों में अंतरजातीय विवाह बहुत ही सामान्य सी बात है। भागवत ने कहा कि पहला अंतर्जातीय विवाह महाराष्ट्र में सन 1942 में हुआ था जिसके लिए बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने बधाई भी दी थी। उन्होंने ये भी कहा कि ‘अन्तर्जातीय विवाह से हिंदू समाज एकजुट रहेगा, इसलिए हम सभी हिंदुओं को संगठित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसमें अन्तर्जातीय विवाह एक बहुत ही निर्णायक होगा।’

आपको बता दें कि दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित संघ के तीन दिवसीय कार्यक्रम में बोलते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि समाज को जागरुक करने की जरूरत है। मोहन भागवत का यह जवाब युवाओं को जरूर पसंद आएगा और ज्यादा से ज्यादा लोग उनकी इस बात से सहमत है और इंटर कास्ट मैरिज को लेकर आए दिन पहले बवाल से यह अपेक्षा है कि इस जवाब के बाद बंद होगा और इंटर कास्ट मैरिज से दो परिवारों में कोई आपत्ति ना हो।

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