सुपर-30 फेम आनंद कुमार के खिलाफ न्यायिक जाँच की मांग

सुपर थर्टी, बिहार की एक ऐसी कोचिंग संस्थान; जिस के नामों की गूंज आपके कानों में जरूर पड़ी होगी। कभी इसकी अच्छाई के लिए तो कभी इसके कारनामे के लिए। हां अगर कारनामों की बात की जाए तो इस कोचिंग ने बड़े-बड़े कारनामे किए हैं और तो और इस कोचिंग के संचालक महोदय का तो कोई जवाब ही नहीं है। मीडिया से लेकर बिहार की गरीब जनता तक को आनंद कुमार ने बड़ी सूझबूझ से छकाया है, लेकिन उनका यह छलावा ज्यादा दिनों तक गरीब बिहारियों को बेवकूफ बनाकर नहीं रख सकती है क्योंकि जल्द ही आनंद कुमार के झूठे दावों के पुलंदों से तैयार सुपर थर्टी कोचिंग औंधे मुंह धड़ाम से गिर जाएगी। हाल ही में लाइव सिटी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बताया गया है कि आनंद कुमार के द्वारा पढ़ाए गए बच्चों का आईआईटी में सिलेक्शन ही नहीं हुआ। वहीं अब बिहार की गरीब जनता यह मांग कर रही है कि इस कोचिंग के खिलाफ न्यायिक जांच शुरू की जानी चाहिए।

गरीब बिहार की जनता का बन बैठा है मसीहा –

यूं तो हम सभी जानते हैं कि आनंद कुमार की सुपर थर्टी कोचिंग संस्था में बिहार की गरीब जनता के बच्चों को चुना जाता है। जिनके बाद उन्हें IIT का एग्जाम पास करने की शिक्षा दी जाती है। लेकिन आनंद कुमार का यह तरीका बिहार के बच्चों को ऊंचाइयों पर ले जाने का कम, बल्कि बिहार की जनता और सरकार की नजरों में हीरो बनने का है। आनंद कुमार अपनी इस चालबाजी में कामयाब होकर आज गरीब बिहारियों के नजरों में मसीहा बनकर बैठा है। लेकिन अगर आनंद कुमार और सुपर थर्टी की इन ऊंची शोहरत रूपी इमारतों की नींव देखी जाए तो वह बिल्कुल खोखली है और झूठे दावों से बनाई गई है।

राजनीतिज्ञ और बॉलीवुड कलाकार दे रहे हैं बढ़ावा –

सुपर थर्टी कोचिंग को जिस तरीके से शुरुआत में उपलब्धियां मिली उस आधार पर इस कोचिंग ने दिन दूनी और रात चौगुनी तरक्की और शोहरत लोगों के बीच कमाई। लेकिन अब इस कोचिंग की जो हालत है वह कोई जानना नहीं चाहता सिवाय उस बिहार की गरीब जनता के जिनके बच्चों और परिवारों के साथ सुपर थर्टी कोचिंग बड़ा गेम खेल रही है। क्योंकि सुपर-30 ने अपना नाम और अपनी पैठ लोगों के दिमाग में बना ली है जिसे लोग किसी भी सूरत में गलत नहीं समझते हैं। हाल ही में आईआईटी-जेईई परीक्षा परिणाम की घोषणा करते हुए सुपर-30 ने कहा कि उसके यहां से 26 बच्चों का सिलेक्शन हुआ है, लेकिन जब मीडिया के द्वारा उन 26 बच्चों की लिस्ट मांगी गई तो आनंद कुमार ने इस बात से कन्नी काट ली तो वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड कलाकार और बड़े-बड़े राजनीतिज्ञ, आनंद कुमार को बधाइयां देने लगे तो दूसरी ओर बिहार की जनता इस बात का इंतजार कर रही थी कि आनंद कुमार 26 बच्चों की लिस्ट जारी करेगा लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। देखा जाए तो आनंद कुमार के इस झूठ को बढ़ावा देने में राजनीतिज्ञ और बॉलीवुड कलाकारों का बड़ा हाथ है क्योंकि बिना किसी जांच पड़ताल के और सुबूत के राजनेता और बॉलीवुड कलाकार आनंद कुमार को बधाइयां देने लगते हैं और लोग इस झूठ को सच मान कर आनंद कुमार के जैसे लोगों को मसीहा मान कर बैठ जाते हैं।

आनंद कुमार खुद को गरीब बताता है लेकिन सच्चाई कुछ और ही है –

#एक_महान शिक्षा माफिया आनंद कुमार।इन्हें राज्यसभा भेज दे या भारत रत्न देदे। ये गुरु से ज्यादा हमें बिजनसमैन लगते…

Posted by Ravikant Kashyap on Friday, 29 June 2018

आनंद कुमार अपने आप को बहुत गरीब और निम्न परिवार का बताता है लेकिन असलियत कुछ और ही है। दरअसल अगर आप आनंद कुमार की गरीबी और अमीरी की सच्चाई की पड़ताल करेंगे तो आपके कान खड़े हो जाएंगे। जी हां आनंद कुमार के पास कई प्रॉपर्टी है जो आनंद कुमार ने अपने परिवारीजनों के और अपने घरवालों के नाम पर कर रखी है। अब आपके मन में यह सवाल उठेगा कि इस बात का क्या सबूत है? तो इस बात की पुख्ता जानकारी चाहिए तब अपनी संतुष्टि हेतु आप बिहार सरकार के द्वारा ‘बिहार भूमि विवरण ‘ में इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

कोचिंग के खिलाफ बैठे सरकारी जांच –

बिहार की गरीब जनता के साथ जिस तरीके का नाटक रचा जा रहा है और उनकी जिंदगी के साथ खेला जा रहा है उसको देखते हुए बिहार की गरीब जनता की और आम लोगों की सरकार से मांग है कि सुपर थर्टी कोचिंग और आनंद कुमार के खिलाफ जल्द ही एक जांच कमेटी का गठन होना चाहिए और इस कोचिंग के खिलाफ जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई का पर्दाफाश किया जा सके और जिन गरीबों को आनंद कुमार के मायाजाल से लूटा जा रहा है उन्हें इससे मुक्ति मिल सके ।

गौरतलब है कि लाइव सिटी मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि आनंद कुमार के द्वारा पढ़ाए गए बच्चों का इस बार IIT में सिलेक्शन नहीं हुआ है तब इस स्थिति में ऐसी आवाजों का उठना लाज़मी है क्योंकि दबे कुचले और गरीब लोगों को आप तब तक बेवकूफ बना सकते हैं जब तक वह किसी बात की जानकारी लेने के लिए खड़े नहीं होते हैं लेकिन अगर उन्होंने किसी बात की जानकारी लेने की ठानी और आप मना कर रहे हैं तो सीधी सी बात है कि आप के सिक्के में जरूर कोई खोट है। वहीं अब आम लोगों की भी मांग है कि इस कोचिंग के खिलाफ जल्द से जल्द जांच शुरू होनी चाहिए क्योंकि आनंद कुमार को और इस कोचिंग को देश दुनिया में जमकर सराहा जा रहा है और इसे भारत देश में भी सिर आंखों पर रखा गया है। लेकिन सच्चाई के आईने से कोई भी वाकिफ नहीं है और सभी के आंखों पर आनंद कुमार ने अपनी झूठी शख्सियत की काली पट्टी बांध रखी है। उम्मीद है कि सरकार इस पर जल्द ही कोई कार्यवाही अवश्य करेगी।

 

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