पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव का फरवरी में होने के अनुमान, दिखने लगी गहमागहमी

छात्र संघ चुनाव

बिहार ही नही बल्कि विश्व मे कहीं भी छात्र राजनीति का विशेष स्थान है, क्योंकि कितने ही कद्दावर राहनीतिज्ञ यहाँ से ही मिले हैं। बिहार के राजनीति में पटना विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण स्थान है, क्योकि बिहार की वर्तमान राजनीति के अधिकांश दिग्गज इसी विश्विद्यालय से मिले है। लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार, सुशील मोदी आदि प्रमुख दिग्गजों ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत ‎पटना विश्वविद्यालय से ही की थी।

अनुमान के मुताबिक फरवरी में छात्र संघ का चुनाव होना तय है तो लाजिमी है कि सभी राजनीतिक दलों कि नजरे इस चुनाव पर ही टिकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 31 जनवरी को चुनावीं नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा, उसके पश्चात माहौल में सरगर्मी बढ़ने के आसार है।

पटना विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों के कैंपस में चूनावी माहौल बनने लगा है। रविवार को कुलपति डॉ. रासबिहारी सिंह की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों एवं सीनियर प्रोफेसरों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई, जिसमे चुनाव को बेहतर तरीके से निष्पादित करवाने की मंत्रणा हुई। बूथों की संख्या एवं स्थान को लेकर भी मंत्रणा हुई क्योकि अधिक से अधिक मतदान एक चुनौती है। वर्तमान में विश्वविद्यालयों में छात्राओं की संख्या 56 फीसदी है, उनकी भूमिका महत्वपूर्ण एवं निर्णायक होगी। साथ ही पुराने वोटर लिस्ट को भी अपडेट करने का काम भी शुरू हो गया है, जिसे जल्द ही पूर्ण भी कर लिया जाएगा।

छात्र संघ के होने वाले इस चुनाव को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पूर्ण करने के लिए जहां विश्वविद्यालय प्रशासन तैयारी में जुटी है वहीं पटना पुलिस भी इस दौरान कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए विशेष रणनीति बना रही है। इस विशेष रणनीति के तहत सादे लिबास में पुलिस के जवान कॉलेज कैंपस में तैनात रहेंगे। विश्वविद्यालय परिसर व आस-पास पुलिस बलों की संख्या में एहतियातन बढ़ोतरी की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना आसानी से किया जा सके।

इस बार के छात्र संघ के चुनावों को लेकर छात्रावासों में प्रमुख रूप से मतदान जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों एवं छात्राओं से बढ़-चढ़ कर भाग लेने की अपील भी की है।

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विभिन्न दल भी अपनी-अपनी रणनीति बनाने में लगे है, इसका क्रियान्वयन भी दिखने लगा है। रविवार को विश्विविद्यालय के छात्रावासों में गहमागहमी दिखी। आईसा के छात्र नेता आकाश कश्यप के नेतृत्व में छात्रों के समक्ष चुनावी मुद्दे एवं मतदान की अपील की। वहीं जन अधिकार छात्र परिषद के प्रदेश अध्यक्ष गौतम आनंद ने अधिक से अधिक मतदान की अपील की है।

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