सुपौल छात्रावास के मामले में 9 गिरफ्तारी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी लिया संज्ञान, जानिए क्या है पूरा मामला

बिहार में ऐसे ही छोटी छोटी बातों पर लोगों का आक्रोष देखने को मिलता है कि अब बिहार के युवा छात्र भी ऐसी हरकतें करने पर उतर आए हैं। अब बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज के कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय परिसर से आ रही है जहां छात्राओं की पिटाई मामले में पुलिस ने 9 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन महिला भी शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला-

लड़कियों ने दीवार पर लिखी अभद्र टिप्पणियों का विरोध किया था। जिन्हें पड़ोस के एक स्कूल के लड़कों द्वारा लिखा गया था। लड़कियों ने विरोध के साथ ही लड़कों को पीट- पीटकर भी भगाया था। इसी बात की जानकारी सभी नाबालिग लड़कों ने अपने घर वालों को दे दी थी। जिसके बाद उनकी माताओं ने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर स्कूल परिसर में लड़कियों पर हमला बोल दिया था। आपको बता दें कि छात्राओं से मारपीट के मामले में कुल  70 बालिकाएं घायल हो गई थी।  जिनमें 34 लड़कियों का उसी विद्यालय में इलाज किया गया था और 36 लड़कियों का रेफरल अस्पताल में इलाज कराया गया। इसके बाद फिर 12 लड़कियों की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसमें गंभीर रूप से जख्मी चार बच्चियों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अब इस मामले में एएसपी ने बताया कि विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस अज्ञात लोगों की पहचान सहित आगे की कार्रवाई में जुटी है। वहीं, स्थानीय कांग्रेस रंजीत रंजन ने प्रशासन को दोषी माना है। उन्होंने कहा कि हमले में चोटिल कई बच्चियों को अंदुरूनी चोटें आई हैं, जिन्हें बेहतर इलाज की जरूरत है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मामले पर चिंता जाहिर करते हुए राज्य सरकार को फटकार लगायी है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अब ऐसा नहीं चलेगा, आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

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