महिला दिवस का किया बहिष्कार, महिलओं ने बजट के ख़िलाफ उठाई आवाज़।

अंतरष्ट्रीय महिला दिवस – एक दिन महिलाओ के नाम।

जहाँ आप और हम महिला दिवस के अवसर पर केवल शुभकामनाए साझा करने में लगे हुए हैं, वहीं कुछ महिलाएँ ऐसी भी हैं जो महिला दिवस मनाने के लक्ष्य को ज़मीनी रूप देती नज़र आ रही हैं। मामला छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिला स्थित चिरीमिरी क्षेत्र का है जहाँ बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका ट्रेंड यूनियन द्वारा विकास परियोजना कार्यालय के सामने, छत्तीसगढ़ के वर्ष 2018 का पुतला दहन किया गया और साथ ही महिला दिवस समारोह में शामिल न होने का संकल्प लिया गया।

महिलाओं के अनुसार यह बजट उनके साथ छलावा है और वे इसके खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाएंगी क्योकि मौजूदा बजट में कार्यकर्ताओ के साथ नाइंसाफी हुई है। आपको बता दें की आंगनबाड़ी अनुपूरक पोषण दरों में संसोधन करते हुए बच्चो के लिए 6 रूपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 8 रूपये प्रतिदिन एवं महिलाओं के लिए 7 रूपये से बढ़ाकर 9.5  रूपये प्रतिदिन कर दी गयी है फिर भी महिलाए इससे नाखुश नज़र आ रही हैं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका ट्रेंड यूनियन की अध्यक्ष किरण दुबे के कहा कि इस बजट से हमलोग संतुष्ट नहीं हैं।

जरुर पढ़ें-International Women’s Day – एक दिन महिलाओ के नाम।

राज्य सरकार ने हमें आश्वस्त किया था की हम लोगों के कार्य और मांग को देखते हुए प्रतिमाह हमें 18000 वेतन दिया जाएगा मगर ऐसा नहीं हुआ । उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार एक महीने की मज़दूरी न्यूनतम 9001 रूपये तय किया गया है जिसका पालन नहीं हो रहा है । 8 घंटे की मज़दूरी के हिसाब से भुगतान नहीं हो रहा है। उनका मानना है की सरकार उन्हें मज़दूर नहीं समझती और इस अन्याय के खिलाफ़ उनकी विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा ।

Connect with Us! अपनी राय कमेंट्स में दें. ताजा ख़बरों के लिए हमें फॉलो करें. अगर आपको ये पोस्ट पसंद आई, तो इसे लाइक और शेयर करना न भूलें. Subscribe our Youtube Channel: AajKaReporter Follow us on: Facebook, Twitter, Instagram