गुजरात हाई कोर्ट का गोधरा कांड में बड़ा फैसला

गोधरा कांड

गुजरात हाईकोर्ट ने आज गोधरा साबरमती एक्सप्रेस आगजनी मामले में दोषी ठहराए गए 31 लोगो की सजा और अन्य 63 लोगो को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा है, एक बड़े बदलाव के साथ। गुजरात हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला सुनाते हुए 31 अभियुक्तो में से 11 के मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है, जबकि शेष 20 अपराधियों की सजाएं अपरिवर्तित हैं।

इस घटना में मारे गए 59 लोगो के परिजनों को 10-10 लाख के मुआवजे की घोषणा की है। साबरमती एक्सप्रेस के कोच एस 6 के साजिश में 63 आरोपीतो के बरी करने के फैसले के खिलाफ गुजरात सरकार की चुनौती को खारिज कर दिया गया है। ज्ञात हो कि, 27 फरवरी, 2002 को एक ऐसी तारीख जो देश और देश जनता हर कोई भूलना चाहेगा हमेशा के लिए, साबरमती एक्सप्रेस के कोच एस 6 में सवार सभी 59 यात्रियों की हत्या कर दी गई, उनमें से ज्यादातर ‘कार सेवक’ थे जो अयोध्या से वापस लौट रहे थे। शीघ्र ही कोच के जलने और कार सेवको के साजिश के तहत मारे जाने की अफवाह आग की तरह फैली और परिणामस्वरूप लगभग 1000 लोग, जिनमें से ज्यादातर मुसलमान थे, की दंगो में मौत हो गई, हालांकि यह सरकारी आंकड़ा है। एक विशेष जांच दल (एस.आई.टी) द्वारा गोधरा जलने की जांच की गई और एक विशेष अदालत ने 1 मार्च, 2011 को 31 लोगों को दोषी ठहराया और 63 लोगों को बरी किया गया, अभियोजन पक्ष के तर्क से स्वीकार कर लिया कि साबरमती एक्सप्रेस के कोच एस 6 को जलाने की साजिश थी। 31 अभियुक्तो को दोषी पाया गया, जिनसे से 11 दोषियों को मौत की सजा दी गई, जबकि शेष को आजीवन कैद की सजा दि गई।

सभी 31 को हत्या, प्रयास और आपराधिक षड्यंत्र के संबंध में आईपीसी सेक्शन के तहत दोषी ठहराया गया था। विशेष अदालत के इस फैसले को गुजरात उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। अपने आज के फैसले में उच्च न्यायालय ने कानून और व्यवस्था को बनाए रखने में विफल रहने के कारण गुजरात सरकार और भारतीय रेलवे दोनों की आलोचना और खिंचाई की है।

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गौर करने वाली बात यह है कि उच्च न्यायालय का मानना है कि गोधरा-कांड, गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के कोच एस 6 को जलाने के संबंध में है, न कि राज्य में बड़े पैमाने पर हुए दंगे कि जो कि इस नरसंहार का परिणाम था। मार्च 2011 में एक विशेष एस.आई.टी अदालत द्वारा सुनाए गए अभियुक्तो को सजा और निर्दोषियो की रिहाई के फैसले को चुनौती गुजरात हाई कोर्ट में दी।

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