जम्मू कश्मीर में 7 बार लग चुका है राज्यपाल शासन : सरकार गिरने के बाद जम्मू कश्मीर में लग सकता है फिर से राज्यपाल शासन

जम्मू कश्मीर की सरकार गिर गई है क्योंकि पीडीपी  को दिए गए समर्थन से BJP ने अपना पैर पीछे खींच लिया है। जी हां भारतीय जनता पार्टी ने पीडीपी के साथ हुए गठबंधन को खत्म कर दिया है। वहीं सीएम महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल एन एन वोहरा को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया है। और अब कयास लगाए जा रहे हैं कि जम्मू कश्मीर में हो सकता है राज्यपाल शासन  लागू किया जाए। इसी सिलसिले में ‘आज का रिपोर्टर’ जम्मू कश्मीर में आज तक लगे सात बार के राज्यपाल शासन की चर्चा करने जा रहा है।

जम्मू कश्मीर में 7 बार लग चुका है राज्यपाल शासन – 

पहला राज्यपाल शासन- 

जम्मू कश्मीर राज्य में सबसे पहला राज्यपाल शासन 26 मार्च 1977 से लेकर 9 जुलाई 1977 तक लगाया गया था। इस सरकार में कांग्रेस और शेख अब्दुल्ला नेशनल कांफ्रेंस ने गठबंधन के साथ सरकार बनाई थी। कांग्रेस ने बीच में ही गठबंधन खत्म कर दिया था जिसके कारण सरकार गिर गई थी इस दौरान राज्य में तकरीबन 105 दिनों का राज्यपाल शासन लगाया गया था।

दूसरा राज्यपाल शासन-

जम्मू कश्मीर राज्य में दूसरे राज्यपाल शासन करीब 10 साल बाद 6 मार्च 1986 से लेकर 7 नवंबर 1986 तक लगा था। दूसरे राज्यपाल शासन लगने में भी कांग्रेस का हाथ था। कांग्रेस ने मौजूदा सरकार के साथ अपना गठबंधन खत्म कर लिया था जिसकी वजह से राज्य में तकरीबन 246 दिनों का राज्यपाल शासन लगा।

तीसरा राज्यपाल शासन-

तीसरा राज्यपाल शासन जम्मू कश्मीर के लिए सबसे भयावह राज्यपाल शासन था क्योंकि इस दौरान जम्मू कश्मीर में उग्रवाद चरम पर था और कानून व्यवस्था पूरी तरीके से ध्वस्त साबित हो गई थी। तीसरा राज्यपाल शासन 19 जनवरी 1990 से लेकर 9 अक्टूबर 1996 तक लगा था। इस राज्यपाल शासन की समय सीमा लगभग 6 साल 264 दिन के लिए थी।

चौथा राज्यपाल शासन-

18 अक्टूबर 2002 से लेकर 2 नवंबर 2002 तक चौथा राज्यपाल शासन जम्मू कश्मीर में लगा था। दरअसल इस दौरान CM फारुख अब्दुल्ला ने विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की हार के कारण कामकाज करने से इंकार कर दिया था जिसकी वजह से राज्य में करीब 15 दिनों तक राज्यपाल शासन लगाया गया।

पांचवा राज्यपाल शासन-

जम्मू कश्मीर राज्य में पांचवा राज्यपाल शासन 5 जुलाई 2008 से लेकर 5 जुलाई 2009 तक लगाया गया था। दरअसल उस दौरान कांग्रेस और पीडीपी के गठबंधन की सरकार थी और इस वक्त कांग्रेस के मौजूदा मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने अमरनाथ यात्रा को लेकर जमीन का स्थानांतरण किया था जिसके कारण पीडीपी ने कांग्रेस से अपना समर्थन वापस ले लिया था। उस समय राज्य में तकरीबन 178 दिनों तक राज्यपाल शासन लागू किया गया था।

छठवां राज्यपाल शासन-

9 जनवरी 2015 से लेकर 1 मार्च 2015 तक जम्मू कश्मीर में छठवीं बार राज्यपाल शासन लगाने की नौबत आन पड़ी। इस दौरान विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत ना मिलने की स्थिति में 51 दिनों तक राज्यपाल शासन लागू किया था। बाद में यह राज्यपाल शासन बीजेपी और पीडीपी के गठबंधन के साथ खत्म हो गया था।

सातवां राज्यपाल शासन-

8 जनवरी 2016 से लेकर 4 अप्रैल 2016 तक जम्मू कश्मीर में सातवीं बार राज्यपाल शासन लागू किया गया क्योंकि इस वक्त तत्कालीन मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की अचानक मृत्यु हो गई थी जिसकी वजह से राज्य में तकरीबन 87 दिनों तक राज्यपाल शासन लगाया गया।

आंकड़ों के मुताबिक जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन घर में बिन बुलाए मेहमान के तरीके चले आते हैं और इस बार BJP ने पीडीपी के साथ गठबंधन खत्म करके एक बार फिर से राज्यपाल शासन के रूप में बिन बुलाए मेहमान को जम्मू-कश्मीर में भेजने का काम कर दिया है। अब देखना यह है कि जम्मू कश्मीर में आठवां राज्यपाल शासन लगता है या फिर इस बार यहां पर राष्ट्रपति शासन लागू किया जाएगा।

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