कर्नाटक में कुमारस्वामी की सरकार आने के बाद, पहली बार हुआ मंत्रिमंडल विस्तार

कर्नाटक में बुधवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। राज्यपाल वाजुभाई वाला ने राजभवन में जेडीएस, कांग्रेस, बसपा सहित कुल 25 विधायकों को मंत्रीपद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इन सभी विधायकों ने कन्नड़ में ईश्वर, अल्लाह, 14वीं शताब्दी के कन्नड़ समाज सुधारक बसवन्ना और माता-पिता के नाम पर शपथ ली। इस जेडीएस-कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार में जेडीएस के 9 मंत्री, तो वहीं कांग्रेस के 14 मंत्रियों को शपथ दिलवाई गई, साथ ही पहली बार मंत्रिमंडल में बसपा विधायक को जगह दी गई है, जबकि एक निर्दलीय विधायक को भी कैबिनेट में शामिल किया गया और कांग्रेस की विधान परिषद में गुजरे जमाने की अभिनेत्री जयमाला एकमात्र महिला मंत्री हैं। जबकि जेडीएस के 83 वर्षीय मंगुली सबसे बुजुर्ग मंत्री हैं। बुधवार को हुए इस विस्तार के साथ मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 27 हो गई है और सात पद अब भी खाली हैं। संविधान के अनुसार राज्य में 34 मंत्री या 225 सदस्यीय विधानसभा के 15 फीसदी विधायक मंत्री बन सकते हैं। इनमें एक नामित विधायक भी शामिल होता है। हालांकि इन बची हुईं सात रिक्त पदों में कांग्रेस के हिस्से के पांच और जद(एस) के हिस्से के दो पद हैं। आपको बता दे की, 23 मई को एचडी कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री और कांग्रेस के जी परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

जेडीएस और कांग्रेस ने 12 मई के विधानसभा चुनाव के त्रिशंकु नतीजे आने के बाद राज्य में गठबंधन किया था। गठबंधन के बाद दोनों पार्टियों ने एलान किया था कि, वो 2019 में साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी। गठबंधन से बनी हुई इस सरकार में पूर्ववर्ती सिद्धारमैया सरकार के कई मंत्रियों को जगह नहीं मिली जिनमें एमबी पाटिल, दिनेश गुंडू राव, रामालिंगा रेड्डी, आर.रोशन बेग, एच के पाटिल, श्यामनूर शिवशंकरप्पा, तनवीर सैत और सतीश जारखीहोली शामिल हैं, वहीं कैबिनेट में शामिल किए जाने वाले नेताओं में कुमारस्वामी के बड़े भाई एचडी रेवन्ना और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार, जेडीएस के जीटी देवगौड़ा जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को मैसुरू के चामुंडेश्वरी सीट से हराया था, शामिल है।साथ ही बसपा विधायक महेश और केपीजेपी के आर. शंकर भी कैबिनेट मंत्री बने हैं।

कांग्रेस के जिन विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली उनमें आर.वी. देशपांडे, डीके शिवकुमार, केजे जॉर्ज, कृष्णा बायरे गौड़ा, शिवशंकर रेड्डी, रमेश जारखीहोली, प्रियांक खड़गे, यूटी खादेर, जमीर अहमद खान, शिवानंद पाटिल, वेंकटरमनप्पा, राजशेखर पाटिल, पुट्टारंगा शेट्टी और जयमाला शामिल हैं।  जेडीएस के मंत्रियों में एचडी रेवन्ना, बंदप्पा काशमपुर, जीटी देवगौड़ा, डीसी थमन्ना, एमसी मनागुली, एसआर श्रीनिवास, वेंकटराव नादगौड़ा, सीएस पुट्टाराजू, सा. रा. महेश शामिल हैं।  कांग्रेस और जेडीएस के बीच हुए समझौते के मुताबिक, कांग्रेस को गृह, सवास्थ्य, राजस्व और कृषि जैसे विभाग मिलेंगे और जद(एस) को वित्त,आबकारी ,पीडब्ल्यूडी आदि विभाग मिलेंगे। सूत्रों के मुताबिक दोनों पार्टियां कुछ विभागों को रिक्त रख सकती है।

कर्नाटक सरकार के इस मंत्रिमंडल में जाति के समीकरण को भी बनाए रखने की कोशिश की गई हैं। कुमारस्वामी की इस मंत्रिमंडल में जाति वोक्कालिगा से सबसे ज्यादा नौ मंत्री कैबिनेट में हैं। संख्या बल में मजबूत लिंगायतों के चार, पिछड़े कुरुबा के दो, ब्राह्मण, अनुसूचित जनजाति, इगिडा और उप्पारा जाति से एक-एक विधायक मंत्री बने हैं। साथ ही ज्योतिष शास्त्र का भी इसमें योगदान रहा हैं।

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