केरल में बारिश का कहर, बाढ़ से हालात और बिगड़ गए, 54,000 से ज्यादा लोग हुए बेघर

केरल में लगातार जारी मूसलाधार बारिश से राज्य में बाढ़ से हालात और बिगड़ गए हैं। पिछले 48 घंटों से हो रही बरसात ने सारे बांध तोड़ दिए। लबालब भर जाने के बाद इडुक्की डैम के दरवाजे खोल दिए गए। राज्य में बीते 50 वर्षों में पहली बार बारिश से इतनी भीषण तबाही हुई है। आसमानी आफत ने केरल की तस्वीर ही बदल दी है। अब तक 54,000 से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं। बाढ़ और बरसात के पानी की वजह से जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। स्कूल, कॉलेज, दफ्तर सब बंद कर दिए गए हैं। चिंता की बात ये है कि मौसम विभाग ने केरल में अभी और ज्यादा बरसात का अलर्ट जारी किया है। हालांकि मुख्यमंत्री और कई मंत्रियों सहित विपक्षी दल के नेताओं ने इडुक्की, वायनाड, कलीकट और कोच्चि का हवाई दौरा किया। वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह 12 अगस्त यानी रविवार को केरल का दौरा करेंगे।

आपको बता दें कि इस बाढ़ के कारण कई स्थानीय और विदेशी पर्यटक केरल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर अटके हुए थे जिन्हें जवानों ने सुरक्षित निकाल लिया है। वहीं पेरियार नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद भारतीय नौसेना की दक्षिणी कमान को अलर्ट पर रखा गया है। आशंका है कि कोच्चि स्थित वेलिंगडन द्वीप के कुछ हिस्से पूरी तरह जलमग्न हो सकते हैं। अधिकारियों ने बताया हैं कि राज्य की लगभग सभी 40 नदियां उफान पर हैं। इडुक्की में एक दिन पहले एशिया के सबसे बड़े बांध के पांचों गेट खोले गए थे। इससे हर सेकंड पांच लाख लीटर पानी बाहर आया। गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को सदन में दी जानकारी में बताया कि इस साल मानसून के दौरान सबसे ज्यादा केरल में 178 लोगों ने जान गंवाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते 9 अगस्त को मुख्यमंत्री विजयन से बात की हैं और प्रभावितों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

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