निपाह वायरस का असर नहीं हुआ कम, खाड़ी देशों ने एक्सपोर्ट पर लगाई रोक

केरल में एक तरफ निपाह वायरस का खतरा टलने का नाम नहीं ले रहा। निपाह वायरस से जहां अब तक 16 मौत हो चुकी हैं। वहीं, केरल से एक्सपोर्ट होने वाले फलों और सब्जियों को भी बाहरी देशों ने बैन कर दिया है। यूएई और बेहरीन के बाद अब सऊदी अरब और कतर, कुवैत ने भी केरल से एक्सपोर्ट होने वाले फलों और सब्जियों को बैन कर दिया है। सऊदी अरब ने इस बाबत भारत सरकार को सूचना दी हैं और निपाह वायरस का खतरा बताते हुए खजूर के एक्सपोर्ट पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही केला, आम और अंगूर को भी सऊदी अरब में बैन कर दिया गया है। केरल से सऊदी एक्सपोर्ट होने वाली सब्जियां भी बैन कर दी गई है। हालांकि, यह बैन कुछ समय के लिए लगाया गया है। इस पर मंत्रालय का कहना है कि, वायरस को सऊदी अरब में फैलने से रोकने के लिए सावधानी पूर्वक यह प्रतिबंध लगाया गया है।

इससे पहले भी दो बार पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का   फैलाव हो चुका है। 2001 में सिलीगुड़ी में निपाह वायरस का खतरा मंडराया था। वहीं, 2007 में नादिया में निपाह वायरस का अटैक हुआ था। इस बार यह देश के दक्षिण राज्य में पहुंचा है। जहां कोझीकोड़ में एक ही परिवार के लोगों में यह पाया गया।

निपाह वायरस के प्रमुख लक्षण 

1. अचानक बुखार आना, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, मानसिक भ्रम का होना।

2. उल्टी होने जैसा महसूस होना अथवा उल्टी आना।

3. निपाह वायरस मस्तिष्क ज्वर से भी जुड़ता है। इसमें मस्तिष्क में सूजन हो सकता है।

4. निपाह वायरस से ग्रसित मरीज 24 से 48 घंटे में कोमा में भी जा सकता है।

बचाव के उपाय

1. चमगादड़ों वाले इलाकों में अत्यधिक सावधानी बरतें।

2. सूअर या सूअरों के संपर्क में रहने वाले  लोगों से दूर रहें।

3. गिरे हुए अथवा जानवरों के जूठे फल खाने से बचें।

4. केरल से आने वाले फलों को अच्छी तरह से धोकर खाएं।

5. केले, आम व खजूर को लेकर विशेष सतर्क रहें।

6. प्रकोप कम होने तक ताड़ व खजूर के रस, ताड़ी, नीरा का सेवन न करें।

7. सब्जियों पर जानवरों के काटने का निशान हो तो उसे खरीदने से बचें।

8. अच्छी तरह से पका हुआ, साफ सुथरा घर का बना हुआ खाना खाएं।

9. अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से परहेज करें, चेहरे पर मास्क लगाकर सफर करें।

10. व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें, दिन में कई बार अच्छी तरह से साबुन से हाथ धोएं।

निपाह वायरस एक वायरल इंफेक्शन होता है, जिसे मेडिकल की भाषा में जुनॉटिक डिसीज बोलते हैं। जुनॉटिक डिसीज का मतलब है कि, यह जानवरों से आदमियों में ट्रांसमीट हो सकता है। लेकिन, यह भी देखा गया है कि, यह इंफेक्शन आदमी से भी आदमी में ट्रांसफर हो रहा है। लिहाजा, निपाह वायरस से इंफेक्टेड आदमी बेहद तेजी से दूसरे आदमी तक इस इंफेक्शन को फैला सकता है। इस वायरस से इंफेक्टेड लोगों की सांस फूल सकती है। सही समय पर मरीज को सही उपचार नहीं मिला तो यह वायरस ब्रेन को भी इफेक्ट कर सकता है, जिसके चलते लोग बेहोशी या कोमा में भी जा सकते हैं। लिहाजा, इन लक्षणों को लेकर लोगों को बेहद सतर्क रहना है। इस वायरस को पता लगाने के लिए ब्लड सैंपल्स को पुणे स्थित इंस्टीट्रयूट में भेजना पडता है।

केरल के कोझिकोड और मलप्पुरम जिले निपाह वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित थे। इसके कारण यहां पर किसानों का बजट भी बिगाड़ रहा है। केरल के फल और सब्जियों को अब भारत के सबसे बड़े निर्यात बाजार अरब खाड़ी क्षेत्र के ज्यादातर देशों में प्रतिबंधित कर दिया गया है। केरल अब भी जानलेवा निपाह वायरस से जूझ रहा है, जो अब तक 17 जानें ले चुका है। खाड़ी क्षेत्र फल और सब्जी निर्यात में भारत का सबसे बड़ा बाजार है और यूएई इस क्षेत्र का सबसे बड़ा आयातक देश है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत के संपूर्ण फल निर्यात का 35 प्रतिशत से अधिक और कुल सब्जी निर्यात का लगभग एक-चौथाई खाड़ी देशों में किया जाता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज कहा कि, निपाह वायरस को लेकर नजर रखी जा रही है तथा इससे डरने की नहीं ​बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार के चार वर्ष पूरे होने के मौके पर यहां संवाददाता सम्मेलन में नड्डा ने कहा कि, निपाह वायरस को लेकर भारत सरकार ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर तीव्र गति से कार्य किया। केंद्र सरकार की टीम प्रभावित इलाकों में जल्द पहुंच गई तथा राज्य सरकार की टीम ने भी केंद्र की टीम का सहयोग किया।

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