इस बार किसानों की हत्या नहीं मासूम बच्ची के गैंगरेप के कारण हुआ मंदसौर बदनाम

मंदसौर फिर से चर्चाओं में है लेकिन इस बार का वाकया शर्मसार करने वाला है| शुक्रवार को मध्यप्रदेश के मंदसौर रेप केस के दूसरे आरोपी आशिफ ने पुलिस को गिरफ्तार कर लिया। दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किए जाने के बाद कई नए खुलासे हुए हैं।

ऐसा हुआ पूरा गैंगरेप कांड

आसिफ स्कूल से थोड़ा दूर था और स्कूल से ही लड़की को चॉक्लेट के बहाने बहकाकर ले जाया गया था| वह हर समय अभियुक्त इरफान के साथ घूम रहा था। इसके बाद आसिफ ने बच्ची को इरफान को सौंप दिया। इरफान बच्ची को को झाड़ियों में ले गया और वहां पर  उसका बलात्कार किया। इस बीच आसिफ इरफान को रेकी कर रहा था। लड़की से बलात्कार करने के बाद इरफान ने उसे आसिफ को सौंप दिया, और फिर उसने उससे बलात्कार किया।

विकृत हवसी मानसिकता 

आसिफ और इरफान अक्सर महिलाओं पर फब्तियां कसते थे लेकिन इस बार उन्होंने एक बच्ची को चुना ताकि वह जोरजबरदस्ती करने पर विरोध न कर सके। आसिफ ने बच्ची को चॉकलेट देकर बहलाया था। उसने लालच दिया कि और चॉकलेट चाहिए तो साथ चलना होगा जिसके बाद बच्ची आसिफ के साथ चली गई।

यह ज्ञात हो कि तीसरी कक्षा में सात साल की पीड़िता बच्ची के साथ पहली बार यह हवसी बलात्कार करते हैं और फिर हत्या के इरादे से लोहे की रॉड उसके निजी अंगो में डालते है| इतना ही नहीं इन दरिंदो ने जगह-जगह गंदे तरीके से काटा और गंभीर रूप से बच्ची का  चेहरा घायल कर दिया।

बुधवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे बच्ची को एक नाले के पास झाड़ियों से बाहर पड़ी मिली थी। वह ठीक से चल नहीं पा रही थी। चेहरा लहूलुहान था और शरीर पर कई घाव थे। पुलिस उसे जिला अस्पताल लेकर गई, जहां से बच्ची को इंदौर के सरकारी एमवाई अस्पताल रेफर कर दिया। गंभीर हालत देखते हुए बुधवार रात को ही उसके कई ऑपरेशन किए गए। फिलहाल लड़की का इलाज महाराजा यशवंत राव जिला हॉस्पिटल में चल रहा है और तो वहीँ आरोपियों के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कब्रिस्तान में जगह न देने और उनके लिए किसी से भी वकालत न करने की अपील की है|

एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में जल्दी सुनवाई कराने और आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की बात कही है। मुख्यमंत्री पहले ही यह कह चुके हैं कि इस मामले की सुनवाई फास्टट्रैक कोर्ट में करवाई जाएगी।

मध्य प्रदेश में सख्त कानून बनने के बाद भी जिस तरह से यह कांड हुआ है उससे सरकार की कोशिशों पर सवाल खड़े हो चुके है साथ ही एक सभ्य पुरुष होकर अपनी मर्दांगनी पर शर्म आने लगती है और इससे भी ऊपर खुद को सबसे ऊपरी जीव मानने वाला इंसान एक जानवर से भी घटिया हो जाता है कि गन्दी हवाज़ की आड़ में मासूम बच्ची को नौच खाया जाता है और फिर मरने कि लिए छोड़ दिया जाता है , थूक है ऐसी मर्दांगनी, मानवता और समाज पर जहाँ हमारी बच्चियां सुरक्षित नहीं !

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