मराठा आन-बान-शान के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी, लगेंगे 4000 करोड़ रुपये

अब आने वाले वक्त में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा छत्रपति शिवाजी महाराज की होगी जो मुम्बई तट पर प्रस्तावित है। इस प्रतिमा को अब 210 मीटर ऊंची बनाई जाएगी, पूर्व में इसकी ऊंचाई 192 मीटर प्रस्तावित थी। ऊंचाई में बढ़ोतरी के कारण परियोजना का लागत भी 3600 करोड़ से बढ़कर 4000 करोड़ होने का अनुमान है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद यह प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी।  मराठा आन-बान-शान के प्रतीक छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की यह एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। इस परियोजना से मुम्बई एक बार फिर विश्व परिदृश्य पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएगा। छत्रपति शिवाजी महाराज जो कि मराठा साम्राज्य के संस्थापक थे, की प्रसिद्धि एक महान वीर योद्धा के रूप में ज्यादा थी जिसने मुगल शासक औरंगजेब से कई वर्षों तक संघर्ष किया था।

वर्तमान में चीन में स्थित महात्मा बुद्ध की प्रतिमा विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है जिसकी ऊंचाई 208 मीटर है।

 

छत्रपति शिवाजी महाराज या शिवाजी राजे भोसले (1630-1680) भारत के महान योद्धा एवं रणनीतिकार थे जिन्होंने सन 1674 ईo में पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी। उन्होंने कई वर्षों तक औरंगज़ेब के मुगल साम्राज्य से संघर्ष किया। सन 1674 में रायगढ़ में उनका राज्याभिषेक हुआ और छत्रपति बने। शिवाजी ने अपनी अनुशासित सेना एवं सुसंगठित प्रशासनिक इकाइयों की सहायता से एक योग्य एवं प्रगतिशील प्रशासन प्रदान किया। उन्होंने युद्ध-विद्या में अनेक नए तरीके विकसित किया जिनमे गोरिल्ला युद्ध शैली सबसे ज्यादा प्रचलित और प्रसिद्ध हुई। उन्होंने प्राचीन हिन्दू राजनैतिक प्रथाओं तथा दरबारी शिष्टाचारों को पुनर्जीवित किया और फारसी के स्थान पर मराठी एवं संस्कृत को राजकाज की भाषा बनाया। अपने आदर्शों के कारण वो आज भी मराठो के बीच पूज्य है।

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