कॉपर यूनिट का विरोध कर रहे लोगों पर पुलिस की कार्रवाई, 11 की मौत

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में पिछले एक महीने से चल रहे स्टरलाइट कॉपर यूनिट को बंद करने की मांग को लेकर हो रहा प्रदर्शन मंगलवार को हिंसक हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि, करीब पांच हजार प्रदर्शनकारी स्टरलाइट कॉपर यूनिट की तरफ बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस द्वारा रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया और पुलिस के वाहनों को पलट दिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी वाहनों को आग लगाई। इस हिंसा में सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा। इसके चलते हुए पुलिस की कार्रवाई में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

इस घटना के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने हिंसा में जान गंवाने वालों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को तीन-तीन लाख रुपये देने का ऐलान किया है। साथ ही कार्रवाई में मारे गए लोगों के परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी देने का भी आश्वासन दिया है। इस घटना पर मुख्यमंत्री ने कहा कि, मुझे यह जानकार दुख हुआ कि, इस घटना में दुर्भाग्यवश कई लोग मारे गए।’  लेकिन परिस्थितियां ही ऐसी बनी की, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव ही नहीं किया, बल्कि उनके वाहनों और कलेक्ट्रेट में खड़े वाहनों को भी आग लगा दी। पुलिस को लोगों के जान-माल की रक्षा के लिए अपरिहार्य परिस्थितियों में ये कार्रवाई करनी पड़ी,  पुलिस को हिंसा रोकनी थी। दूसरी तरफ प्लांट के विस्तार के खिलाफ शहर के पुराने बस स्टैंड इलाके में लोगों ने शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया।

वहीं, पुलिस का कहना है कि, मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर स्टरलाइट कॉपर यूनिट को सुरक्षा प्रदान करने के लिए क्षेत्र में धारा 144 लागू की गई थी। रैली निकालने की अनुमति न मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा कर्मियों को खदेड़ने की कोशिश की और नारेबाजी करने लगे। पुलिस पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया और वाहन को पलट दिया।

मौके पर मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक, पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को कारखाने तक पहुंचने से रोका, तो उन्होंने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों ने मिलकर एक पुलिस वाहन को पलट दिया। इन प्रदर्शनकारियों ने स्टरलाइट प्लांट के साथ साथ कलेक्टर ऑफिस के घेराव की भी कोशिश की। ऐसे में भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस की इस कार्रवाई से प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने कलेक्टर ऑफिस के अंदर खड़ी गाड़ियों को आग लगा दी।

अंतरराष्ट्रीय खनन कंपनी वेदांता लिमिटेड की स्टरलाइट कॉपर तांबे ढालने का काम करती है। स्टर्लाइट अभी शहर में 4,00,000 टन प्रति वर्ष इकाई संचालित करती है। हालांकि प्लांट को सभी आवश्यक परमिट प्राप्त हुए हैं और उन्होंने किसी भी मानदंड का उल्लंघन नहीं किया है। लेकिन इस कंपनी की वजह से इस इलाके में पीने के पानी की समस्या बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, इस फैक्ट्री के प्रदूषण के कारण सेहत से जुड़ी गंभीर समस्या का संकट खड़ा हो गया है। इसलिए स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं और इस प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा कॉपर फैक्ट्री को बंद करने और आगे कोई और यूनिट चालू नहीं करने की मांग की है।

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