बुधवार को आए तूफान से लड़खड़ाया ताजमहल, इतिहास मे पहली बार “प्रेम की निशानी” लड़खड़ाई

बुधवार को आए तूफान से ताजमहल को बड़ा नुकसान हुआ है। ये तूफ़ान 132 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आया था। ताज की दो मीनारों में कंपन महसूस किया गया, उनमें से एक मीनार की खिड़की टूट गई हैं। इतिहासकारों के मुताबिक पहली बार कुदरती कहर से ताज के मुख्य ढांचे को नुकसान पहुंचा है। अप्रैल 2015 में आए भूकंप में भी इसे नुकसान नहीं हुआ था। रंग महल के ऊपरी हिस्से के पत्थर भी गिर गए हैं। करीब 90 मिनट तक आंधी, बारिश और ओलों की मार के कारण सैकड़ों पेड़ और होर्डिंग गिर पड़े, कई मकानों की छत उड़ गई। साथ ही रॉयल गेट की मरम्मत के लिए लगाए गए लोहे के पाइप भी टूट कर गिर गए हैं और फतेहपुर सीकरी के ऐतिहासिक स्मारक भी नुकसान से बच नहीं पाए है। फतेहपुर सीकरी में स्थित सलीम चिश्ती के बादशाही दरवाजे के बरामदे का छज्जा टूट कर गिर गया। उत्तर प्रदेश में आए तूफ़ान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बुधवार को आए तूफान में सूबे में 73 लोगों की मौत हुई है, जबकि 91 लोग घायल हैं। सीएम योगी चुनाव प्रचार करने 6 दिन के लिए कर्नाटक गए थे, लेकिन उन्हें कर्नाटक दौरा छोड़ वापस आना पड़ा। वह तूफ़ान प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं।

इस खूबसूरत इमारत का निर्माण सन् 1631 में शुरू होकर सन 1653 में पूरा हुआ था। जिसमें लगभग बीस हजार मजदूरों का योगदान माना जाता है। मुगल बादशाह की मुहब्बत  की निशानी हैं ‘ताजमहल’ जिसे खूबसूरती का नायाब हीरा कहा जाता है। प्यार की इस निशानी को देखने के लिए दूर देशों से हजारों सैलानी यहां आते हैं। इस इमारत की मीनारें बाहर की ओर झुकी हैं, ताकि भूकंप से अगर कभी मीनार गिरे तो बाहर की ओर गिरे और मुख्य इमारत को नुकसान न हो। उस जमाने में ताज महल की कंस्ट्रक्शन कॉस्ट 32 करोड़ रुपए के लगभग आई थी। मकबरे में मौजूद मुमताज की कब्र के पास अल्लाह के 99 नाम लिखे हुए हैं। आगरा का ताजमहल भारत की शान और प्रेम का प्रतीक चिह्न माना जाता है। इतिहास के अनुसार इब्राहिम लोदी ने इस शहर को सन् 1504 में बसाया था। जिसे आज भी दुनिया के सात अजूबों में शुमार किया जाता है।

मौसम विभाग ने देश में अगले 2-3 दिन आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी बंगाल, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश में आंधी के साथ बारिश हो सकती है। दिल्ली मौसम केंद्र के अनुसार राजस्थान में भी तूफान आने का अनुमान है। 5 से 7 मई तक उत्तराखंड, राजस्थान, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम में आंधी- तूफान की आशंका है। तमिलनाडु, केरल, असम, मेघालय और त्रिपुरा कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं बुधवार रात 12 राज्यों में आए आंधी-तूफान से काफी नुकसान हुआ है।

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