यूपी में भी आइसिस की दस्तक ? : इलाहाबद के हिन्दू लड़के को आंतकी न बनने पर मारने की धमकी , केस एटीएस को सौंपा गया

देश का संगम नगरी इलाहाबाद महाकुम्भ की जोरदार तैयारियों में मशरूक है लेकिन मौके को ख़राब करने के इरादे से इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक एंड सीरिया (आइसिस) के मुजाहिदों का आईटी सेल नए आंतकी ढूढ़कर हमले करवाने की फिराक में और इसके लिए वह काफिरो की तलाश में लगता है|

इलाहाबाद के धूमनगंज से एक हिंदू युवा आतंकवादी संगठन आईएसआईएस इंडिया के व्हाट्सएप समूह से जोड़े जाने का खुलासा हुआ है। युवक को व्हाट्सएप संदेश भेजकर भारतीय एजेंसियों के इंटेलिजेंस इनपुट की मांग की गई है। इसके अलावा बात न मानने पर  उसे परिवार सहित परिणामों का सामना करने की धमकी दी गई है। इस संदेश के आगमन के बाद से युवा और उसके परिवार डर में हैं।

युवक ने शुक्रवार को धूमनगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई तो पुलिस धमकी देने व आईटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर जांच साइबर सेल को सौंप दी है। एसएसपी ने कहा है कि मामले को एटीएस को सौंपा जाएगा।

धूमनगंज पुलिस के अनुसार मुंदेरा का निवासी युवक  लोकमान्य नगर पांडा, ठाणे, महाराष्ट्र में एक निजी नौकरी करता है। आजकल वह घर आया है। युवाओं ने शिकायत दर्ज की कि गुरुवार को वह घर पर मोबाइल पर फिल्म देख रहे था फिर अचानक व्हाट्सएप आईडी से एक संदेश आया उसका नंबर  आईएसआईएस इंडिया ग्रुप में जोड़ा गया है। यह देखकर उसकी वह हैरान रह गया|  वह तुरंत उस ग्रुप को लेफ्ट कर दिया लेकिन उसे फिर ग्रुप में जोड़ दिया गया। उसने दोबारा ग्रुप छोड़ा तो उसे फिर जोड़ लिया गया। उसके बाद परिवारवालों को अंजाम भुगतने की धमकी दी जाने लगी।

आईएसआईएस इंडिया नाम के ग्रुप से आए पहले मैसेज में अंग्रेजी में लिखा था कि क्या तुम हमारे संगठन में बतौर जासूस काम करोगे। अगर तुम हमारे साथ काम करने को तैयार हो अपना पता और पेशा मैसेज करो। तुम्हे 5000 डॉलर हर महीने इंडियन एजेंसी की जानकारी हमें देने के लिए दिए जाएंगे। पुलिस के मुताबिक, जब युवक ने जवाब नहीं दिया, तो व्हाट्सप्प कॉल आया। जांच में, यह पाया गया है कि दो अमेरिकी राज्यों के फोन नंबरों से व्हाट्सप्प कॉल किए गए हैं। साइबर सेल की जांच की जा रही है।

इस मामले में, एसएसपी नितिन तिवारी ने कहा कि ऐसा पहला मामला यहां सामने आया है। साइबर सेल ने प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, इसे एटीएस को सौंपा जाएगा|

अब यह तो एटीएस की जांच के बाद ही साफ़ हो पायेगा कि इसके पीछे आइसिस का असली में हाथ है कि नहीं क्योंकि जो हाल इस संगठन का इस वक़्त है उसमे भारत को टारगेट का मैसूमा वह रख नहीं सकता| फ़िलहाल युवक की सूझबूझ और पुलिस की चौकसी से महाकुम्भ की सिक्योरिटी पूर्व से ही सख्त करने में मदद मिलेगी|

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