जिम में कॉल मिस होने के बाद व्हाट्सएप का विचार आया : सह-संस्थापक

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आपको बेहतर आईडिया कब आता है? दुनिया की विभिन्न अविष्कारों के आईडिया की कहानी बहुत ही रोचक है। वर्तमान समय मे सबसे बेहतरीन प्रचलित मैसेजिंग एप्प ‘व्हाट्सएप’ का आईडिया भी ऐसे ही रोचक ढंग से आया था, आइए जानते है व्हाट्सएप के कल्पना की कहानी खुद उसके सह-संस्थापक की जुबानी…

व्हाट्सएप के सह-संस्थापक ‘जेन कुम’ ने बताया कि उनके जिम में होने दौरान कुछ कॉल्स मिस्ड हो जाती थी, कभी-कभी कुछ कॉल्स महत्वपूर्ण भी होती थी, इस बात की नाराजगी से उन्होंने मैसेजिंग एप्प बनाने की कल्पना की थी। वो एक ऐसा एप्प बनाना चाहते थे जिससे लोगो को बताया जा सके कि वो फ्री है या नहीं। ऐसे ही विचारों ने इस हर दिल अज़ीज अप्प की बुनियाद रखी।

उन्होंने आगे कहा कि ” वो बहुत ही प्रसन्न थे जब व्हाट्सएप शुरू किया गया था” किन्तु शुरुआती समय में थोड़ी निराशा हुई थी, जब लोग इसे इस्तेमाल नही करते थे।

बहरहाल, एक वो वक़्त था जब व्हाट्सएप के संस्थापकों को निराशा होती थी की उनके एप्प का लोग इस्तेमाल नहीं करते थे और एक वक्त यह है कि आज पूरे विश्व मे लगभग 1300 (जुलाई,2017) मिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता है। इस एप्प की बढ़ती लोकप्रियता से प्रभावित हो सोशल मीडिया नेटवर्क फेसबुक ने फरबरी 2014 में 19 बिलियन डॉलर में अधिगृहित किया।

वर्तमान समय में मैसेज का पर्याय बन चुके इस एप्प की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग कहते है ‘व्हाट्सएप् कर देना’। इस्तेमाल में आसान, सुविधाजनक और मेल की लगभग सारी सुविधाओं से युक्त इस एप्प को खास बनाती है। समय-समय पर इसमें बदलाव ने इसे और प्रभावशाली बना दिया है। इसकी सुरक्षित तकनीक इसे अन्य ऍप्सों से काफी आगे ले जाती है।

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