उत्तर कोरिया नहीं करेगा परमाणु हथियारों का निर्माण: किम जोंग

उत्तर कोरिया ने कहा, कि अब वे परमाणु हथियारों और  बैलिस्टिक मिसाइलों के अपने परीक्षणों को समाप्त कर देंगे, साथ ही कहा हैं, कि उत्तर कोरिया अब आर्थिक विकास पर ध्यान देगा, क्योंकि उसने परमाणु राज्य बनने का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है, “पूरे देश को अब समाजवादी अर्थव्यवस्था के विकास पर ध्यान देना चाहिए।” “यह पार्टी की नई रणनीति होगी।” दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय से मिले एक बयान में कहा गया है की, “आने वाले कोरियाई और उत्तर-अमेरिका शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए ये निर्णय एक बहुत ही सकारात्मक वातावरण बनाएगा।”

उत्तर कोरिया ने देश के उत्तर-पूर्व में पंगगी-रे परीक्षण स्थल पर अपने सभी छह परमाणु परीक्षण किए हैं।  2006 में अपने उ.कोरिया ने अपने पहले परमाणु हथियार का परीक्षण किया और पिछले सितंबर में इसका आखिरी और सबसे शक्तिशाली परीक्षण किया गया था। किम और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति के बीच एक हॉटलाइन के बाद शनिवार को ये घोषणा हुई।

शनिवार को कोरिया ने कहा, की 21 अप्रैल से, उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण और इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण बंद कर देगा।” देश की समाचार एजेंसी ने भी ये कहा, कि देश के उत्तर क्षेत्र में स्थित परमाणु परीक्षण स्थल बंद हो जाएगा।

उत्तर ने कोरिया ने प्रायद्वीप में शांति बनाने के लिये और अपनी अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए पड़ोसियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सक्रिय रूप से संलग्न होने की भी शपथ ली। किम और ट्रम्प के बीच मई या जून में बैठक का नियोजन किया गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक ट्वीट में कहा, की “यह उत्तर कोरिया और दुनिया के लिए बहुत अच्छी खबर है- बड़ी प्रगति!” जापान के प्रधान मंत्री शिंजो अबे ने सावधानीपूर्वक उत्तर कोरिया की प्रतिज्ञा का स्वागत किया। अबे ने कहा, “हम इसे आगे बढ़ने वाले कदम के रूप में स्वागत करते हैं। उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया से जुड़े युद्ध को समाप्त करने की योजनाओं पर जोर दे रहा है। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने कहा है, कि किम अपनी टूटी हुई अर्थव्यवस्था को भारी प्रतिबंधों से बचाने की कोशिश कर रहे है और सियोल का कहना है, कि किम ने अपने परमाणु हथियारों से निपटने में वास्तविक रुचि व्यक्त की है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने उत्तर कोरिया की इस घोषणा का “सार्थक प्रगति” के रूप में स्वागत किया है।राष्ट्रपति के अधिकारी यून यंग-चान ने कहा, कि उत्तर कोरिया का निर्णय सियोल, प्योंगयांग और वाशिंगटन के बीच सफल वार्ता के लिए और आगे बढ़ने की कोशिश और उम्मीद लेकर आयेगा। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, कि उसने उत्तर कोरिया के कदम का स्वागत किया, जिसमें कहा गया है, कि कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव को कम करने और परमाणुकरण को बढ़ावा देने में इस निर्णय से मदद मिलेगी।

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