गोल्ड कोस्ट: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का ‘गोल्डन’ रन जारी रहा,मेरी कोम और गौरव सोलंकी ने जीता सुवर्ण पदक

भारत के 35 वर्षीय, पांच बार विश्व चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेती मेरी कोम ने शनिवार को हुए महिला (45-48 किलोग्राम) मुक्केबाजी फाइनल के मुकाबले में उत्तरी आयरलैंड के क्रिस्टिना ओ’हारा को 5-0 से पराजित किया और भारत के लिए 18वा स्वर्ण पदक जीता। मेरी कोम ने अपने पहले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के तरफ से अपने लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में ये स्वर्ण पदक जोड़ा हैं।

मैरी कोम ने इतिहास रचते हुए भारत को ये 18वां गोल्ड मेडल दिलाया और CWG मुक्केबाजी में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। मैरी ने पहले राउंड में सब्र दिखाया और मौकों का इंतजार किया। उन्हें मौके भी मिले जिसे उन्होंने अपने पंचों से बखूबी भुनाया। मैरी कोम अपने बाएं जैब का अच्छा इस्तेमाल कर रही थीं और वह धीरे-धीरे आक्रमक हो रही थीं। दूसरे राउंड में मैरी कोम ने अपना अंदाज जारी रखा और क्रिस्टिना को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। वहीं क्रिस्टिना कोशिश तो कर रहीं थी, लेकिन उनके पंच चूक रहे थे। वहीं मैरी कोम मुकाबला आगे बढ़ाने के साथ और आक्रामक हो गईं और जैब के साथ अपने लेफ्ट हुक का भी अच्छा इस्तेमाल कर रही थीं। उन्होंने अपने फुटवर्क का अच्छा इस्तेमाल करते हुए क्रिस्टिना पर दबाव बनाया। तीसरे और अंतिम राउंड में क्रिस्टिना भी आक्रामक हो गई थीं और पांच बार की विश्व चैम्पियन को अच्छी टक्कर दे रही थीं, लेकिन मैरी कोम ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए यहाँ पर अपना डिफेंस मजबूत रखा और जीत हासिल की, संभवत: इस टूर्नामेंट के बाद मेरी कोम रिटायर होने की संभावना ज्यादा है और इसीलिए कॉमनवेल्थ गेम्स में सुवर्ण पदक हासिल करना उनके लिए जरूरी था। सुवर्ण पदक जीतने पर भारत के राष्ट्रपति, क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के साथ साथ सभी प्रशंसकों ने उन्हें बधाई दी। 

साथ ही भारतीय मुक्केबाज़ गौरव सोलंकी ने भी ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हो रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में 10वें दिन शनिवार को मुक्केबाजी में भारत को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया है और भारत के गोल्ड मेडलों की संख्या को 20 पर पहुंचा दिया है।

गौरव सोलंकी ने फाइनल में एक अलग निर्णय के साथ नॉर्दन आयरलैंड के ब्रेंडन इरवाइन को 4-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। गौरव ने पुरुषों की 52 किलोग्राम स्पर्धा में यह सफलता हासिल की है और भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाला है। गौरव का यह कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला पदक है। इससे पहले ही मैरी कॉम ने भारत को मुक्केबाजी में पहला गोल्ड मेडल दिलाया था, वहीं 46 किलो भार वर्ग में अमित पंघाल ने देश के लिए सिल्वर मेडल जीता। उन्हें फाइनल में इंग्लैंड के खिलाड़ी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

पहले राउंड में गौरव प्रतिस्पर्धी पर पूरी तरह से हावी रहे। उन्होंने अच्छे अंक जुटाए और इरवाइन को परेशान किया। दूसरे राउंड में गौरव और ज़्यादा आक्रामक हो गए और उन्होंने लगातार पंच मारते हुए इरवाइन पर दबाव बनाए रखा। इस राउंड में गौरव ने कुछ अच्छे अपरकट का इस्तेमाल किया। इरवाइन काउंटर तो कर रहे थे, लेकिन आखिरी राउंड में गौरव ने और बेहतर प्रदर्शन किया और इरवाइन को आक्रमण नहीं करने दिया। इस जीत के बाद गौरव सोलंकी के कोच नरेंद्र राणा ने कहा की, ” यह जीत उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है”।

अब भारत 20 स्वर्ण, 12 रजत और 14 कांस्य के साथ, भारत वर्तमान में पदक तालिका (46) पर तीसरे स्थान पर है।

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