बदले जाएंगे दिल्ली के साउथ कैंपस और मोती बाग समेत दस मेट्रो स्टेशनों के नाम : DMRC

नई दिल्ली की जनसंख्या और भीड़ को अगर किसी ने बहुत अच्छे तरीके से समेट कर रखा है, तो वह सिर्फ दिल्ली की लाइफ लाइन कही जाने वाली मेट्रो है। जी हां दिल्ली मेट्रो में रोज लाखों की संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। सुबह की पहली ट्रैन से लेकर रात की आखिरी ट्रैन तक यात्रियों का तांता लगा रहता है और अब दिल्ली मेट्रो के स्टेशनों का नाम बदले जाने की तैयारी है। जिसमें मोती बाग और साउथ कैंपस सहित 10 मेट्रो स्टेशनों के नाम बदले जाएंगे।

क्या है पूरा मामला –

दरअसल दिल्ली मेट्रो के द्वारा एक नई लाइन शुरू की गई है। ब्लू लाइन, येलो लाइन, मैजेंटा लाइन, ग्रीन लाईन के बाद अब पिंक लाइन की शुरुआत की गई है। पिंक लाइन के लेन में पड़ने वाला मेट्रो स्टेशन साउथ कैंपस है । जबकि मोती बाग मेट्रो स्टेशन जल्द ही खुलने वाला है।एक पैनल की ओर से की गई सिफारिशों को मानते हुए अब साउथ कैंपस का नाम बदलकर दुर्गाबाई देशमुख साउथ कैंपस और मोती बाग का नाम बदलकर सर विश्वेश्वरैया मोतीबाग कर दिया गया है। इसके अलावा पैनल ने 8 और मेट्रो स्टेशनों के नाम बदलने की सिफारिश की थी। सूत्रों के मुताबिक पैनल के द्वारा की गई इस सिफारिश को मान लिया गया है और जल्द ही दिल्ली के 8 और मेट्रो स्टेशनों के नाम बदल दिए जाएंगे।

किन-किन मेट्रो स्टेशनों के नाम को बदलने की हुई थी सिफारिश-

कहा जा रह है कि पैनल ने लगभग 10 मेट्रो स्टेशनों के नाम बदलने की सिफारिश की थी। जिनमें, तुगलकाबाद, ओखला, बदरपुर, ओखला फेज-3, घेवरा, म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन, नजफगढ़ डिपो स्टेशन, आदि मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों के नाम बदलने की सिफारिश काफी समय पहले ही की गई थी, लेकिन इस पर निर्णय अभी लिया गया है। इनमें तुगलकाबाद का (नाम बदलकर) तुगलकाबाद स्टेशन, ओखला का (नाम बदलकर) हरकेश नगर ओखला, बदरपुर का (नाम बदलकर) बदरपुर बॉर्डर, ओखला फेस 3 का (नाम बदलकर) ओखला एनएसआईसी, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का नाम बदलकर (नजफगढ़) और नजफगढ़ डिपो का (नाम बदलकर) नांगली कर दिया जाएगा। वहीं सूत्रों के मुताबिक इस बदलाव को दिल्ली सरकार ने मंजूरी भी दे दी है।

क्यों बदला जा रहा है नाम –

दरअसल साउथ कैंपस और मोती बाग स्टेशनों के नाम के पहले मूल योजना के तहत दुर्गाबाई देशमुख और विश्वेश्वरैया का नाम नहीं जोड़ा गया था। वही अब साउथ कैंपस का नाम स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता, और शिक्षाविद रहीं, दुर्गा देशमुख के नाम पर रखा जा रहा है। जबकि सर विश्वेश्वरैया भारत के बेहतरीन इंजीनियर में शुमार है और उन्हें भारत रत्न से सम्मानित भी किया जा चुका है ।

24 दिसंबर 2002 से शुरू हुई मेट्रो आज दिल्ली को गुरुग्राम से लेकर नोएडा, नोएडा से लेकर जनपथ के रास्ते को जोड़ती है। और जल्दी यह गाजियाबाद से भी जुड़ जाएगी। दिल्ली मेट्रो रेल नाम बदलने को लेकर के ज्यादा सरगर्मी तो नहीं है लेकिन यात्रियों को इससे कुछ दिनों तक असुविधा अवश्य हो सकती है, क्योंकि नए स्टेशनों के नाम से रोजाना यात्रा कर रहे यात्रियों के दिमाग में नए स्टेशनों का नाम नहीं याद रहेगा जिसकी वजह से उन्हें स्टेशनों पर उतरने के बाद थोड़ा भ्रम हो सकता है।

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