भारत और चीन में से कोई, दूसरे देश को नष्ट नही कर सकता- आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा

तिब्बतियन आध्यात्मिक व धर्म गुरु ‘दलाई लामा‘ को भारत तथा चीन में अपार संभावनाएं नजर आती है। उन्होंने स्माइल फाउंडेशन की पहल, ‘द वर्ल्ड ऑफ चिल्ड्रन‘ के उद्घाटन के बाद नई दिल्ली में संवाददाताओं से दोनो ही देशों के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त किये।

उन्होंने कहा कि भारत या चीन इसे पसंद कर या नही किन्तु उन्हें आस-पड़ोस में ही रहना है। दोनो देशों में ‘दूसरे को नष्ट करने की क्षमता’ नही है। दोनो देशों में दो अरब से अधिक लोग रहते है, अपार संभावनाओं के साथ भारत और चीन, दोनो ही देश बेहतर कर रहे है किंतु, कल्पना कीजिये दो अरब लोग साथ मिलकर काम करे, व्यव्हारिक स्तर पर भी।

उन्होंने दोनों देशों के बीच प्राचीन आध्यात्मिक संबंध को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि चीनी बौद्ध हुआन त्सांग भारत दौरे पर नालंदा आये और वो अपने साथ नालंदा बौद्ध परंपराओं को चीन ले गए।

ज्ञात हो, कि दलाई लामा 1959 से ही भारत मे स्व-निर्वासित जीवन जी रहे है।

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